पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक, 20 मई को प्रदेशभर के शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद

ईमानदारी, अनुशासन और विकास की राजनीति का एक युग हुआ समाप्त

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति के सबसे सम्मानित और सादगीपूर्ण नेताओं में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता भुवन चंद्र खंडूरी के आकस्मिक निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। सेना की वर्दी से लेकर राजनीति के मंच तक अपनी ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की छाप छोड़ने वाले बीसी खंडूरी अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके कार्य और व्यक्तित्व हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।

उत्तराखंड सरकार ने उनके निधन पर 19 मई से 21 मई 2026 तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। शासन के निर्देशानुसार प्रदेशभर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सभी शासकीय मनोरंजन कार्यक्रम स्थगित रहेंगे। वहीं 20 मई को उनके अंतिम संस्कार के दिन प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, शासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।

सेना से राजनीति तक सेवा का अद्भुत सफर

मेजर जनरल बीसी खंडूरी का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और जनसेवा की मिसाल रहा। भारतीय सेना में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और जनता के बीच अपनी साफ-सुथरी छवि के कारण अलग पहचान बनाई। वह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और ईमानदारी का दूसरा नाम बन चुके थे।

मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और प्रशासनिक पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया।

सादगीभरा जीवन और जनता से सीधा जुड़ाव

बीसी खंडूरी को उनकी सादगी और विनम्र स्वभाव के लिए हमेशा याद किया जाएगा। बड़े पदों पर रहने के बावजूद उनका जीवन बेहद सरल रहा। आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान थी। यही कारण रहा कि राजनीतिक विरोधी भी उनकी ईमानदारी और व्यक्तित्व का सम्मान करते थे।

प्रदेशभर में श्रद्धांजलि का दौर

उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ आम जनता ने गहरा दुख व्यक्त किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें “उत्तराखंड की ईमानदार राजनीति का चेहरा” बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

हमेशा याद रहेंगे बीसी खंडूरी

उत्तराखंड की राजनीति में बीसी खंडूरी का नाम एक ऐसे नेता के रूप में लिया जाएगा जिन्होंने सत्ता को सेवा का माध्यम माना। उनका निधन केवल एक राजनीतिक क्षति नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। राज्य की जनता उन्हें एक अनुशासित सैनिक, ईमानदार मुख्यमंत्री और सच्चे जननेता के रूप में हमेशा याद रखेगी।

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