उत्तराखंड ब्यूरो — राजकुमार
हरिद्वार, 28 सितंबर 2026। नगर निगम हरिद्वार की चौथी बोर्ड बैठक की शुरुआत ही हंगामे और विरोध प्रदर्शन के साथ हुई। पुराने प्रस्तावों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के पार्षदों ने महापौर, नगर आयुक्त और निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि पिछली बोर्ड बैठकों में शहर के विकास और जनसमस्याओं से जुड़े कई प्रस्ताव पारित किए गए थे, लेकिन लंबे समय बाद भी अधिकांश प्रस्ताव धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी पार्षदों ने सवाल उठाया कि आखिर नगर निगम में केवल प्रस्ताव पारित करने का काम हो रहा है या उन पर कार्रवाई भी होगी?
विरोध के दौरान कांग्रेस पार्षद हिमांशु गुप्ता और सोहित सेठी ने पुराने प्रस्तावों की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान पार्षद सुनील, विवेक भूषण, महावीर वशिष्ठ, कृतिका सिंह, सुमित त्यागी, अर्शद ख्वाजा, नौमान अंसारी समेत अन्य कांग्रेस पार्षद भी विरोध में एकजुट नजर आए।
बैठक में पार्षद कृतिका सिंह ने महापौर और नगर आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रस्तावों को आगे भेजने के बाद उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग नहीं की जाती। उनका कहना था कि पार्षदों द्वारा लगातार जानकारी दिए जाने के बावजूद जनहित से जुड़े कई विकास कार्य लंबित हैं।
कांग्रेस पार्षदों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक पुराने प्रस्तावों पर धरातल पर काम शुरू नहीं होता, तब तक नए प्रस्ताव लाने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं, बोर्ड बैठक में हुए इस विरोध ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली और लंबित विकास प्रस्तावों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि निगम प्रशासन पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई को लेकर क्या कदम उठाता है और लंबित विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए क्या समयबद्ध व्यवस्था तैयार की जाती है।

