ज्वालापुर पुलिस ने अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ युवक को दबोचा, वायरल वीडियो के बाद हुई त्वरित कार्रवाई
हरिद्वार। जनपद के ज्वालापुर क्षेत्र में ईद उल जुहा (बकरीद) पर्व से ठीक पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश को ज्वालापुर पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए तमंचा लहराने के वीडियो के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर आम लोगों में भरोसा और मजबूत हुआ है।

जानकारी के अनुसार 24 मई 2026 की शाम ज्वालापुर पुलिस को सूचना मिली कि काका चिकन ढाबा ज्वालापुर पर कुछ युवकों के बीच विवाद और मारपीट हुई है। इसी दौरान एक युवक द्वारा तमंचा लहराने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
पीड़ित कार्तिक शुक्ला पुत्र बंटी शुक्ला निवासी आर्यनगर चौक ज्वालापुर की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद ज्वालापुर पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए आरोपी वीर गोस्वामी पुत्र सुनील गोस्वामी निवासी जोगिया मंडी कोतवाली नगर हरिद्वार उम्र 19 वर्ष को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध 315 बोर तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों के साथ चिकन खाने ज्वालापुर आया था, जहां दूसरे युवकों के साथ विवाद हो गया। विवाद के दौरान उसने केवल डराने के उद्देश्य से तमंचा लहराया था। हालांकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी हैं।
इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक रविंद्र जोशी, कांस्टेबल अमित गौड़ और कांस्टेबल राजेश बिष्ट की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर आरोपी को दबोच लिया और संभावित बड़े विवाद को समय रहते रोक दिया।
निष्कर्ष ;
बकरीद जैसे संवेदनशील पर्व से पहले ज्वालापुर पुलिस की यह कार्रवाई बेहद सराहनीय मानी जा रही है। जिस तेजी और सतर्कता से पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर आरोपी को गिरफ्तार किया, उससे साफ है कि हरिद्वार पुलिस कानून व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने को लेकर पूरी तरह सजग है। पुलिस की मुस्तैदी ने न केवल संभावित तनाव को टाल दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि त्योहारों के दौरान शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

