हरिद्वार। हरिद्वार के राजा गार्डन क्षेत्र में एक निजी कंपनी द्वारा संचालित शिविर निर्माण कार्य के दौरान निकलने वाली मिट्टी की कथित अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और सूत्रों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल से निकलने वाली मिट्टी को कंपनी के निर्धारित नियमों के विपरीत बाहरी लोगों को बेचा जा रहा है। मामले में साइट सुपरवाइजर और साइट इंजीनियर की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शिविर निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर खुदाई का कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि खुदाई से निकलने वाली मिट्टी को कंपनी के निर्धारित भंडारण स्थल पर जमा कराने के बजाय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह मिट्टी आसपास की कॉलोनियों और खाली प्लॉटों में भराव के लिए ऊंचे दामों पर बेची जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि कंपनी के आंतरिक दिशा-निर्देशों के तहत निर्माण कार्य के दौरान निकलने वाली मिट्टी कंपनी की संपत्ति मानी जाती है और उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखा जाना चाहिए। आरोप है कि इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा और मिट्टी को निजी लाभ के लिए बेचा जा रहा है।
क्षेत्र के कुछ लोगों का दावा है कि निर्माण स्थल से दिनभर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों के माध्यम से मिट्टी बाहर ले जाई जाती है। उनका आरोप है कि इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी का परिवहन जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी के बिना संभव नहीं है। इसी वजह से साइट सुपरवाइजर और साइट इंजीनियर की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरे मामले का खुलासा हो सकता है। उनका यह भी कहना है कि यदि कंपनी के संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है, तो इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचने के साथ-साथ निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं।
लोगों ने कंपनी प्रबंधन, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और इसमें शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में निर्माण कार्यों की आड़ में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
फिलहाल इस मामले में संबंधित कंपनी या आरोपित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। समाचार प्रहरी 24 निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करते हुए सभी पक्षों का पक्ष प्रकाशित करने के लिए तैयार है। संबंधित कंपनी या अधिकारी यदि इस मामले पर अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
राजा गार्डन में शिविर निर्माण की आड़ में मिट्टी की कथित अवैध बिक्री का आरोप, साइट सुपरवाइजर और इंजीनियर की भूमिका पर उठे सवाल

