पिथौरागढ़। मानव सेवा को अपना संकल्प बना चुके समाजसेवी कुंवर एन.एस. नेगी ने पिथौरागढ़ में 52वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान कर एक बार फिर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका यह अभियान केवल रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उत्तराखंड में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का एक सतत प्रयास है।

इस अवसर पर नेगी ने कहा कि, “जीवनदायिनी रक्त का दान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। रक्तदान करने वाला व्यक्ति किसी अनजान की जिंदगी बचाने का सौभाग्य प्राप्त करता है। ऐसे सभी रक्तवीरों को मेरा सादर प्रणाम।”

उत्तराखंड के हर जिले तक पहुंचाने का संकल्प
कुंवर एन.एस. नेगी का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इसी उद्देश्य के तहत उन्होंने गढ़वाल मंडल के सभी 7 जिलों में सफलतापूर्वक रक्तदान किया है।
वहीं कुमाऊं मंडल के 6 जिलों में से नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर के बाद अब पिथौरागढ़ में भी उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान कर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर ब्लड बैंक के अधिकारियों एवं स्टाफ ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके इस जनहितकारी अभियान की सराहना की।
नेगी ने कहा कि पिथौरागढ़ की यात्रा ने उन्हें नई प्रेरणा दी। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लड बैंक से संबंधित दिशा-सूचक संकेतक एवं बेहतर व्यवस्थाएं लोगों को रक्तदान के प्रति प्रेरित करती हैं और यह पहल अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय है।

पर्वतीय क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता
नेगी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अभी भी रक्तदान को लेकर अपेक्षित जागरूकता नहीं है। पहाड़ों में रक्त की खपत कम होने के कारण कई इच्छुक लोग नियमित रूप से रक्तदान नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि रक्त की आवश्यकता किसी भी समय और किसी भी स्थान पर पड़ सकती है, इसलिए लोगों को अपने जिले के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों में भी रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के ‘रक्तकोश पोर्टल’ के माध्यम से देश के सभी ब्लड बैंकों से सीधे संपर्क कर विभिन्न रक्त समूहों की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह पोर्टल आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।
अब चंपावत और उधम सिंह नगर अगला पड़ाव
नेगी ने बताया कि उनकी स्वैच्छिक रक्तदान यात्रा का अगला पड़ाव चंपावत और उधम सिंह नगर होगा। इन दोनों जिलों में रक्तदान के साथ वर्ष 2020 से शुरू हुई उनकी उत्तराखंड रक्तदान जन-जागरूकता यात्रा पूर्ण हो जाएगी।

उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि “रक्तदान महादान है। आपका एक छोटा-सा प्रयास किसी परिवार की खुशियां लौटाने का माध्यम बन सकता है। आइए, हम सभी नियमित स्वैच्छिक रक्तदान कर मानवता की इस महान सेवा में सहभागी बनें।”

