समाचार प्रहरी/ब्यूरो
हरिद्वार। छह महीने से वेतन नहीं मिलने के आरोपों से जूझ रहे प्राइवेट बिजली लाइनमैनों के समर्थन में जगदीशपुर के समाजसेवी कमल राजपूत खुलकर सामने आए हैं। कमल राजपूत ने कहा कि इन कर्मचारियों की मेहनत और उनके परिवारों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि लाइनमैन दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों के घरों में उजाला पहुंचाने का काम करते हैं। भारी बारिश हो या कड़ाके की धूप, दिन हो या आधी रात, बिजली का फॉल्ट आते ही ये कर्मचारी अपनी नींद और आराम छोड़कर मौके पर पहुंचते हैं। कई बार पूरी रात ऊंचे बिजली के खंभों पर चढ़कर जान की परवाह किए बिना बिजली व्यवस्था दुरुस्त करते हैं।
कमल राजपूत ने कहा कि जो कर्मचारी दूसरों के घरों में रोशनी पहुंचाते हैं, आज उन्हीं के अपने घरों में छह महीने से वेतन के इंतजार का अंधेरा है। वेतन नहीं मिलने का सीधा असर उनके परिवार और बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों की स्कूल फीस, पढ़ाई, राशन, दूध और घर के जरूरी खर्चों को लेकर परिवार परेशान हैं। आखिर इन बच्चों का क्या कसूर है कि उनके पिता मेहनत करने के बावजूद अपनी कमाई के लिए महीनों इंतजार करें?
कमल राजपूत ने कहा कि मेहनतकश कर्मचारियों की मेहनत की कमाई रोकना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने संबंधित विभाग और ठेकेदार से जल्द से जल्द कर्मचारियों का बकाया वेतन दिलाने की मांग की।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर लाइनमैनों की सैलरी नहीं मिली तो वह जगदीशपुर और हरिद्वार के अपने सभी साथियों के साथ बिजली विभाग और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ धरने पर बैठेंगे।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ लाइनमैनों के वेतन की नहीं, बल्कि उनके परिवारों, उनके बच्चों और उनके सम्मान की लड़ाई है।
अब देखना होगा कि कर्मचारियों को उनका मेहनताना कब मिलता है और क्या ठेकेदार द्वारा किया गया वेतन भुगतान का वादा पूरा होता है।

