हरिद्वार। विश्वविख्यात योग गुरु एवं सिद्ध संत पायलट बाबा के जन्मदिवस के पावन अवसर पर हरिद्वार स्थित उनके आश्रम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रातःकाल आश्रम में बाबा जी की समाधि पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विशेष पूजन-अर्चन एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात विद्वान आचार्यों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष हवन संपन्न हुआ, जिसमें विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि, मानव कल्याण एवं समस्त प्राणी जगत के मंगल की कामना के साथ आहुतियां अर्पित की गईं।


पायलट बाबा के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित इस आध्यात्मिक समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे संत-महात्माओं, शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आश्रम परिसर दिनभर “ॐ नमः नारायण” और वैदिक मंत्रों की गूंज से भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने बाबा जी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की तथा उनके बताए योग, ध्यान, तप, सेवा और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर श्रद्धा गिरी, महामंडलेश्वर माता चेतना गिरी, स्वामी मार्कण्डेय गिरि (डिग्गी बाबा), स्वामी मुक्तानंद गिरि, स्वामी रविन्द्र गिरी, डॉ. दुष्यन्त चौहान, अमर अनिल सिंह सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बाबा जी के सैकड़ों शिष्यों और भक्तों ने सहभागिता करते हुए आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

उपस्थित संतों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पायलट बाबा ने अपना संपूर्ण जीवन योग, ध्यान, तपस्या और मानव सेवा को समर्पित किया। उन्होंने भारतीय सनातन संस्कृति, योग और अध्यात्म का संदेश देश ही नहीं बल्कि विश्व के अनेक देशों तक पहुंचाया। उनके द्वारा स्थापित आध्यात्मिक परंपरा आज भी लाखों लोगों को आत्मिक शांति, सकारात्मक जीवन और मानव सेवा के लिए प्रेरित कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि पायलट बाबा का जीवन यह संदेश देता है कि आध्यात्मिक साधना केवल आत्मकल्याण का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और मानवता की सेवा का भी सर्वोत्तम मार्ग है।

हवन पूर्ण होने के उपरांत आश्रम परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम के सेवकों एवं स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया। पूरे परिसर में अनुशासन, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।
जन्मदिवस समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा जी के जीवन, उनके आध्यात्मिक योगदान और मानवता के प्रति उनकी सेवाओं को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने विश्व में शांति, सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण की प्रार्थना की तथा बाबा जी के आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

