प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ ने “ऑन-ड्यूटी शहीद” का दर्जा देने और परिजनों को शीघ्र सहायता प्रदान करने की मांग उठाई।
देहरादून/चमोली। उत्तराखंड के चिकित्सा जगत के लिए अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नारायणबगड़ (जनपद चमोली) के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एवं प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ, उत्तराखंड की चमोली इकाई के कोषाध्यक्ष डॉ. नवीन चंद्र डिमरी का 11 जुलाई 2026 को शासकीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए आकस्मिक निधन हो गया।
बताया गया कि डॉ. डिमरी प्राकृतिक आपदा के दौरान लगातार जनसेवा और चिकित्सा सेवाओं में जुटे हुए थे। अपने अंतिम समय तक वे मरीजों की सेवा और सरकारी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते रहे। उनके आकस्मिक निधन से चिकित्सा समुदाय, क्षेत्रीय जनता और स्वास्थ्य विभाग में शोक की लहर है।
डॉ. डिमरी के अंतिम संस्कार के बाद प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ की कोर कमेटी की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 13 जुलाई 2026 को दोपहर 1:00 बजे उत्तराखंड के सभी जिला चिकित्सालय (DH), उपजिला चिकित्सालय (SDH), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में शोक सभा आयोजित कर दिवंगत चिकित्सक को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
संघ ने स्पष्ट किया कि पूर्व निर्धारित बहुउद्देशीय एवं विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलते रहेंगे। साथ ही आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और पोस्टमार्टम सेवाएं भी बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से मांग की है कि डॉ. नवीन चंद्र डिमरी को शासकीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए निधन होने के कारण “ऑन-ड्यूटी शहीद” का सम्मान प्रदान किया जाए। इसके साथ ही उनके आश्रितों को अनुग्रह राशि सहित सभी देयकों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा और संरचनात्मक व्यवस्थाएं लागू करने की भी मांग की गई है।
संघ के अध्यक्ष डॉ. रमेश कुंवर और महासचिव डॉ. यशपाल तोमर ने डॉ. नवीन चंद्र डिमरी के निधन को चिकित्सा जगत की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उनका जनसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

