हरिद्वार। विकासखंड बहादराबाद में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। स्वयं सहायता समूह (SHG) की अध्यक्ष एवं अन्य महिलाओं ने ब्लॉक में तैनात एकाउंटेंट मयंक कुमार तथा ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMM) धर्मेंद्र कुमार पर अभद्र व्यवहार, वित्तीय अनियमितताओं और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें परियोजना निदेशक (PD) और जिलाधिकारी हरिद्वार से न्याय की गुहार लगानी पड़ी।

शिकायतकर्ता महिलाओं के अनुसार, एकाउंटेंट मयंक कुमार समूह की महिलाओं के साथ अक्सर अभद्र भाषा का प्रयोग करता है और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं करता। महिलाओं का आरोप है कि समूह के विकास कार्यों के लिए निर्धारित धनराशि का सही उपयोग नहीं किया गया तथा उस धन को अन्य कार्यों में खर्च कर दिया गया, जिससे समूह की योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया है कि मिशन के अंतर्गत कार्य करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि उनसे प्रतिदिन लगभग 12 से 14 घंटे तक कार्य कराया जाता है, लेकिन इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं किया जाता, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत कई बार खंड विकास अधिकारी (BDO) बहादराबाद मानस मित्तल से की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके बाद महिलाओं ने लिखित शिकायत परियोजना निदेशक (PD) और जिलाधिकारी हरिद्वार को सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं का आरोप है कि जब एकाउंटेंट मयंक कुमार को शिकायत की जानकारी मिली तो उन्होंने शिकायतकर्ताओं को एससी/एसटी एक्ट के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। महिलाओं का कहना है कि इस कथित धमकी के बाद वे भय के माहौल में हैं और प्रशासन से सुरक्षा तथा निष्पक्ष कार्यवाही की मांग कर रही हैं।
महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, समूह की धनराशि के उपयोग का ऑडिट कराया जाए, समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए।
हालांकि, इस मामले में एकाउंटेंट मयंक कुमार, BMM धर्मेंद्र कुमार अथवा संबंधित विभाग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि सक्षम प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी।)

