हरिद्वार। जनपद हरिद्वार के एक महत्वपूर्ण विभाग में प्रस्तावित तबादलों को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सूत्रों के अनुसार विभाग के करीब आठ अधिकारियों के तबादले किए जाने की तैयारी चल रही है, लेकिन इनमें से कुछ अधिकारी अपने स्थानांतरण रुकवाने के लिए सक्रिय बताए जा रहे हैं।
चर्चा है कि लंबे समय से महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पदों पर तैनात कुछ अधिकारी किसी भी स्थिति में अपनी कुर्सी छोड़ना नहीं चाहते। विभागीय सूत्रों के मुताबिक तबादलों को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक पहुंच, प्रभाव और अन्य माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। वहीं प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि ट्रांसफर रुकवाने के लिए कथित रूप से भारी लेनदेन किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारों का मानना है कि हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण जनपद में कुछ विभागों को लंबे समय से “मलाईदार विभाग” माना जाता है। ऐसे विभागों में तैनाती को लेकर हमेशा प्रतिस्पर्धा बनी रहती है। इसी कारण तबादलों की सूची सामने आने के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शासन के आदेशों को प्रभावित करने के लिए किसी प्रकार का दबाव, सिफारिश या धनबल का इस्तेमाल किया जा रहा है तो इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रस्तावित तबादले नियमानुसार लागू होते हैं या फिर चर्चाओं के बीच कुछ आदेशों में बदलाव देखने को मिलता है। फिलहाल प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
हरिद्वार में तबादलों पर घमासान, मलाईदार कुर्सियां बचाने की कोशिशों की चर्चा

