हरिद्वार। एटक यूनियन के बैनर तले सोमवार को भेल हरिद्वार स्थित सीएफएफपी गेट पर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन अध्यक्ष नईम खान ने किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक मानव संसाधन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दे लंबे समय से लंबित पड़े हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
यूनियन की प्रमुख मांगों में जेसीएम बैठक को जल्द आयोजित कराना, पीपी भुगतान, इंसेंटिव स्कीम का पुनरीक्षण तथा बंद किए गए ओवरटाइम भुगतान को पूर्व की भांति दोबारा शुरू करना शामिल रहा। कर्मचारियों ने कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद उन्हें उचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
इसके अलावा अन्य भेल यूनिटों की तरह हरिद्वार यूनिट में भी आर्टीजन से पर्यवेक्षक वर्ग में जीरो ईयर पदोन्नति लागू करने की मांग उठाई गई। यूनियन नेताओं का कहना था कि पदोन्नति में देरी से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
ज्ञापन में लैपटॉप प्रतिपूर्ति योजना को पुनः लागू करने, मृतक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने तथा नई भर्ती वाले आर्टिजनों को ₹29,500 वेतनमान प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। यूनियन ने भेल अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की स्थायी भर्ती करने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
प्रदर्शन के दौरान HMIS सिस्टम की खामियों को दूर करने, उपनगरीय क्षेत्रों में सिविल और इलेक्ट्रिकल मेंटिनेंस कार्यों के लिए बजट बढ़ाने, भेल की खाली पड़ी जमीनों पर कर्मचारियों को प्लॉट आवंटन तथा इंडियन कॉफी हाउस जैसी गुणवत्तापूर्ण कैंटीन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
संविदा कर्मियों के वेतन में वृद्धि कर उन्हें पूरे वर्ष रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। यूनियन नेताओं ने कहा कि संविदा कर्मियों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एटक के प्रदेश अध्यक्ष एम.एस. त्यागी ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। वहीं केंद्रीय नेता ए.के. दास ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यूनियन बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
इस दौरान महामंत्री संदीप चौधरी, संतोष तिवारी, परमाल सिंह, मनमोहन कुमार, अजित सिंह, अमृत रंजन, रविकांत त्यागी, अशोक शर्मा, सुभाष त्यागी, रवि राय, देवी प्रसाद कानूनगो, तरुण डुडेजा, विनीत चौधरी, अनुराग सेमवाल, धीरज बालियान, योगेश कुमार, शेखर कुमार, दीपक कुमार, देवाशीष जोशी, अतुल सोनार, जितेंद्र चहल, मांगेराम यादव, सतीश चौधरी, राकेश रोशन, परमजीत सिंह, गजेंद्र कुमार, सचिन शर्मा, घनश्याम यादव, छतर सिंह, विकास चौधरी, पवन कुमार, भूपेंद्र कुमार, संकल्प त्यागी, रोहित सिंह, जितेंद्र पटेल, प्रवीण कुमार, राजीव शर्मा, सतेंद्र कटारिया, विक्रांत त्यागी, चिरंजीवी कुमार, गोपाल शर्मा, जितेंद्र प्रसाद, राजकुमार, दीपक गुप्ता, ओमप्रकाश सारण, चंद्रमोहन सिंह, भुवन भट्ट, तनुज उनियाल, कमलेश गुप्ता, सुभाष कुशवाहा, सतनाम सिंह, दिलीप साहू, अरविंद सैनी, निशांत प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

