लक्सर पुलिस और CIU की संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लक्सर पुलिस, साइबर सेल और CIU रुड़की की संयुक्त टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो साइबर ठगी से प्राप्त रकम को ठिकाने लगाने के लिए CSC सेंटरों और पेट्रोल पंपों के बैंक खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सहारनपुर निवासी अंकित चौहान और विशाल चौहान को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह विशेष रूप से तैयार की गई APK फाइलों और अन्य साइबर माध्यमों का उपयोग कर लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी करता था। ठगी से प्राप्त रकम सीधे CSC संचालकों के खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी और बाद में आरोपी उनसे नकद राशि लेकर विभिन्न कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के जरिए अपने साथियों के खातों में जमा कर देते थे, जिससे धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके और जांच एजेंसियों के लिए उसकी ट्रेल पकड़ना मुश्किल हो जाए।
इतना ही नहीं, आरोपी दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में जाकर भोले-भाले लोगों को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करते थे। कभी गाड़ी सीज होने का बहाना बनाकर तो कभी पिता के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का हवाला देकर उनसे नकद रुपये लेते और बदले में उनके खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कर देते थे। बाद में जब बैंक खाते फ्रीज होते, तब पीड़ितों को अपने साथ हुए धोखे का पता चलता।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 10 जून 2026 को ग्राम दाबकी कला निवासी CSC संचालक मनीष कुमार और सुशील कुमार ने कोतवाली लक्सर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 550/2026 एवं 551/2026 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। उप निरीक्षक राजीव उनियाल द्वारा की गई विवेचना के दौरान CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और साइबर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
11 जून 2026 को लक्सर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान अंकित चौहान के कब्जे से 80 हजार रुपये नकद, विशाल चौहान के कब्जे से 68 हजार रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त POCO Blue मोबाइल फोन बरामद किया गया। मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप चैट से कई QR स्कैनर के स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले, जिनका मिलान वादियों द्वारा उपलब्ध कराई गई CCTV फुटेज से किया गया।
गिरफ्तार आरोपी अंकित चौहान पुत्र मुल्तान सिंह (29 वर्ष) और विशाल चौहान पुत्र पवन सिंह (28 वर्ष) दोनों निवासी ग्राम शाहपुर, थाना बेहट, जिला सहारनपुर के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोशियारी, वरिष्ठ उप निरीक्षक नितिन चौहान, उप निरीक्षक राजीव उनियाल, कांस्टेबल पंचम और कांस्टेबल रियाज की अहम भूमिका रही। वहीं CIU एवं SOG टीम के प्रभारी रविंद्र शाह, एएसआई अश्विनी और साइबर सेल रुड़की के कांस्टेबल ओसाब ने तकनीकी जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लक्सर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, QR कोड या डिजिटल माध्यमों का उपयोग न करने दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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