हरिद्वार। धनपुरा गांव स्थित घोसीवाला सपेरा बस्ती में शनिवार को उस समय लोगों की उम्मीदों को नई आवाज मिली, जब अखिल भारतीय मानव अधिकार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पांडे स्वयं बस्ती में पहुंचे और वहां के लोगों की समस्याओं को करीब से जाना। वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे बस्तीवासियों ने अपनी पीड़ा उनके सामने खुलकर रखी।
बस्ती के लोगों ने बताया कि आज भी उन्हें सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। महिलाओं ने अपने परिवारों की परेशानियां बताईं तो युवाओं ने रोजगार और भविष्य को लेकर चिंता जताई। बुजुर्गों ने भी वर्षों से चली आ रही उपेक्षा का दर्द साझा किया।
अजय पांडे ने लोगों की समस्याएं सुनने के बाद कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में गरीब, कमजोर और वंचित वर्ग की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सपेरा बस्ती के लोगों की स्थिति बेहद चिंताजनक है और सरकार व प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय मानव अधिकार समिति बस्तीवासियों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी और उनकी हर जायज मांग को शासन-प्रशासन तक पहुंचाएगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि सपेरा बस्ती की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
अपने संबोधन में अजय पांडे ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गरीबों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया तो समिति चुप बैठने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो गांधीवादी तरीके से बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यालय तक मार्च निकालकर घेराव किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “गरीबों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जब तक सपेरा बस्ती के लोगों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”
बस्तीवासियों ने अजय पांडे के दौरे को अपनी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताते हुए उम्मीद जताई कि अब उनकी आवाज शासन और प्रशासन तक मजबूती से पहुंचेगी।
इस दौरान समिति के पदाधिकारी, स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
हरिद्वार: सपेरा बस्ती पहुंचकर गरजे अजय पांडे, बोले- गरीबों की अनदेखी अब नहीं होगी बर्दाश्त

