ऋषिकेश: सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई कि एक तथाकथित भाजपा नेत्री द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर लगाए गए आरोपों का खंडन किया गया है। इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि वह अपने सभी दस्तावेज, साक्ष्य और संबंधित कागजात पुलिस प्रशासन, सम्मानित पत्रकारों एवं भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को पहले ही प्रस्तुत कर चुका है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि व्यक्तिगत स्वार्थ और लालच की पूर्ति के लिए लक्ष्मी गुरुंग द्वारा लगातार पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पार्टी सच्चाई के साथ खड़ी है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भाजपा नेत्री लक्ष्मी गुरु
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि किसी की संपत्ति का ताला तोड़ना एक गंभीर अपराध है, और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पार्टी से निष्कासन तक की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, फर्जी किरायानामे के बाद एक और कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि लक्ष्मी गुरुंग और सतपाल सैनी द्वारा सोशल मीडिया पर एक झूठी पोस्ट साझा की गई, जिसमें ऋषिकेश भाजपा जिलाध्यक्ष ममता न्याल के नाम का उल्लेख करते हुए एक कार्यालय के उद्घाटन की बात कही गई।
इस संबंध में जब ममता न्याल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी कार्यालय का उद्घाटन नहीं किया है और न ही भाजपा संगठन का उक्त कार्यालय से कोई संबंध है।
मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है, वहीं संगठन स्तर पर भी पूरे प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।
📍 निष्कर्ष:
यह पूरा प्रकरण भाजपा संगठन की छवि, आंतरिक अनुशासन और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, जिसमें सच्चाई सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

