अपराध गोष्ठी में अधिकारियों को सख्त निर्देश, चारधाम यात्रा, ट्रैफिक और कानून व्यवस्था पर विशेष फोकस
हरिद्वार। जनपद में बढ़ते अपराध, नशा तस्करी और आगामी चुनौतियों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह की अध्यक्षता में माह अप्रैल की अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस कार्यालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, यातायात अधिकारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान SSP के सख्त तेवर देखने को मिले और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अपराध और नशे के खिलाफ हर स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गोष्ठी के दौरान SSP ने नशा तस्करी को लेकर पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में किसी भी हालत में नशे का कारोबार पनपने नहीं दिया जाएगा। कप्तान ने स्पष्ट किया कि केवल छोटे पैडलरों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे की पूरी सप्लाई चैन को चिन्हित कर उसके मुख्य सरगनाओं तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने संबंधित क्षेत्राधिकारियों (CO) को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक सप्ताह नशा विरोधी कार्रवाई की समीक्षा करें और कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।SSP ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय बना रहना बेहद आवश्यक है। उन्होंने जघन्य अपराधों में शामिल अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस की सक्रियता और सख्ती आम जनता में सुरक्षा का भरोसा पैदा करती है। इसके साथ ही हिस्ट्रीशीटर एवं आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।बैठक में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों की सराहना भी की गई। कप्तान ने कहा कि जिन पुलिस कर्मियों ने अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सराहनीय कार्य किया है, वे पूरे विभाग के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने की बात कही।
चारधाम यात्रा को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा की गई। यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है, ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। SSP ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
यातायात व्यवस्था को लेकर SSP ने थाना प्रभारियों और यातायात पुलिस को निर्देशित किया कि वीकेंड के दौरान शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखा जाए। उन्होंने कहा कि जाम की स्थिति से निपटने के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।
बैठक में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। SSP ने थाना प्रभारियों और हल्का प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर अपने क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनें और सुरक्षा का भरोसा दिलाएं।
इसके अलावा आगजनी की घटनाओं पर तत्काल रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने के लिए फायर यूनिट को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। SSP ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति में देरी या लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्यालय स्तर से संचालित विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर डाटा समयबद्ध तरीके से अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए। कप्तान ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीकी कार्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है, इसलिए सभी अधिकारी अपने कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखें।
बैठक के अंत में SSP नवनीत सिंह ने सभी अधिकारियों को कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही अपराधियों की कुंडली खंगालकर उनके खिलाफ PIT NDPS एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए।

