हरिद्वार। हर की पैड़ी के समीप स्थित अलकनंदा होटल के पास गड्ढा पार्किंग में भारतीय किसान क्रांति यूनियन के तीन दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ हो गया। 6 से 8 जून तक चलने वाले इस शिविर में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं।

इस अवसर पर भारतीय किसान क्रांति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा ने कहा कि चिंतन शिविर का उद्देश्य किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक चर्चा कर भविष्य की रणनीति तैयार करना है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी, बिजली व्यवस्था, राजस्व एवं पुलिस प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जा रहा है।

ऋषि मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चिंतन शिविर के समापन पर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भेजा जाएगा, जिसमें किसानों के हितों से जुड़ी प्रमुख मांगों को शामिल किया जाएगा। उनका कहना था कि यदि सरकार किसानों के हित में ठोस कदम उठाती है तो देश का किसान आर्थिक रूप से मजबूत और खुशहाल बन सकेगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में किसानों का कर्ज माफ करने की बातें कही गई थीं, लेकिन आज तक किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। वहीं बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए गए हैं। ऐसे में किसानों का कर्ज भी माफ किया जाना चाहिए, ताकि आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को राहत मिल सके और आत्महत्या जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा ने सरकार से आवारा गोवंश की समस्या के समाधान के लिए गोबर खरीद योजना लागू करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इससे पशुपालकों को आर्थिक लाभ मिलेगा, गोवंश सड़कों पर नहीं भटकेगा और जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने स्मार्ट मीटर व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर आम जनता और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेंगे। संगठन इस व्यवस्था का विरोध करता है और इसके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।

चिंतन शिविर में विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए और किसानों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

