ऋषिकेश भाजपा नेत्री और उनके साथियो पर महिला का सनसनीखेज आरोप“

“हाथ-पैर बांधकर पीटा, विकलांग बेटी को नहीं बख्शा, मकान पर किया कब्जा”

रायवाला में महिला बोली— “राजनीतिक रसूख के दम पर परिवार को बनाया बंधक, पुलिस ने नहीं की सख्त कार्रवाई”

ऋषिकेश के रायवाला थाना क्षेत्र स्थित अडवाणी प्लॉट, खांड गांव नंबर-1 में एक महिला और उसके परिवार के साथ कथित रूप से हुई मारपीट, बंधक बनाने और मकान कब्जाने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित महिला ने भाजपा नेत्री लक्ष्मी गुरुंग, अशोक और रमेश शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने राजनीतिक दबाव और पार्टी की पावर का इस्तेमाल करते हुए उसके घर में जबरन प्रवेश किया और महिला समेत उसके तीन बच्चों के हाथ-पैर बांध दिए। महिला का आरोप है कि इसके बाद परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उन्हें घर से बाहर निकालकर मकान पर कब्जा कर लिया गया।महिला ने बताया कि उसकी एक बेटी विकलांग है, लेकिन आरोपियों ने उसके साथ भी अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि विकलांग बच्ची को भी बांधकर पीटा गया, जिससे परिवार दहशत में है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया और घर में रखे कीमती सोने-चांदी के जेवरात भी कब्जे में ले लिए गए। महिला का कहना है कि लक्ष्मी गुरुंग ने उसके हाथों में जेवर रखकर एक वीडियो बनाई और बाद में वे जेवर अपने पास रख लिए।महिला के अनुसार, जब वह शिकायत लेकर रायवाला थाने पहुंची तो पुलिस ने मामले में केवल छोटी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।

पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि थाने से लौटते समय महिला के पति पर चाकू से हमला किया गया। हालांकि इस मामले में भी अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी जमीन पर कब्जा करवाने के लिए लक्ष्मी गुरुंग ने अशोक नामक व्यक्ति से करीब ढाई लाख रुपये लिए थे।

वहीं स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि इससे पहले भी भाजपा नेत्री लक्ष्मी गुरुंग पर एक पीड़ित की जमीन पर कब्जा कर वहां भाजपा कार्यालय खोलने के आरोप लग चुके हैं। हालांकि उस मामले में क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन एक बार फिर नए आरोप सामने आने के बाद क्षेत्र में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन पीड़ित परिवार अब भी कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

निष्कर्ष

यदि पीड़ित महिला द्वारा लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल एक परिवार के उत्पीड़न का नहीं बल्कि राजनीतिक रसूख और दबंगई के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण माना जाएगा। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि आम जनता का कानून और प्रशासन पर भरोसा बना रहे। अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *