Haridwar |हरिद्वार के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में हड़ताल और धरना-प्रदर्शन के बाद अब मामला पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। दो कंपनियों की शिकायत पर पुलिस ने यूनियन नेताओं समेत 22 श्रमिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, कैंपस एक्टिववियर लिमिटेड कंपनी के एचआर मैनेजर हरेंद्र यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 8 मई को कंपनी में कार्यरत कर्मचारी शंशाक, आशु, अंकित, कृष्णपाल, रंजीत, अभिषेक, मनु, तोशीफ, जतिन और शोहित ने कुछ बाहरी व्यक्तियों के साथ मिलकर कंपनी परिसर में हड़ताल और प्रदर्शन किया।
आरोप है कि इन लोगों ने कर्मचारियों को काम बंद करने के लिए उकसाया और कंपनी का कामकाज प्रभावित किया। शिकायत में कहा गया है कि इंकलाब मजदूर यूनियन से जुड़े पंकज बावड़ी, जयप्रकाश और नीता समेत अन्य लोगों ने कर्मचारियों को भड़काकर फैक्ट्री के अंदर माहौल खराब किया और उत्पादन कार्य बाधित कराया।
वहीं दूसरी ओर, सिडकुल स्थित हैमिल्टन हाउसवेयर प्राइवेट लिमिटेड यूनिट-2 के एचआर मैनेजर मयूर चौहान ने भी पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि 9 मई को सचिन निवासी झबरेड़ा ने कंपनी परिसर में पहुंचकर हंगामा किया।
शिकायत में कहा गया है कि उसके साथ कंपनी कर्मचारी संजीव कुमार, रमेश, दीपक कुमार, प्राची रानी, छोटी देवी और अजीत समेत अन्य लोग भी शामिल थे। आरोप है कि इन लोगों ने ड्यूटी के दौरान कंपनी गेट पर प्रदर्शन किया और अन्य कर्मचारियों को भी हड़ताल के लिए उकसाया।
कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, प्रदर्शन के चलते कंपनी गेट पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही कंपनी की छवि और कामकाज पर भी असर पड़ा।
पुलिस ने दोनों मामलों में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सिडकुल में यह मामला केवल मजदूर आंदोलन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस कार्रवाई के बाद श्रमिक संगठनों और कंपनी प्रबंधन के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

