हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के नमामि गंगे घाट पर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन हुआ, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक मुस्लिम परिवार ने हिंदू धर्म अपना लिया। विभिन्न धार्मिक संगठनों और प्रतिष्ठित साधु-संतों की मौजूदगी में परिवार के पांच सदस्यों का शुद्धिकरण कर उन्हें सनातन धर्म में शामिल किया गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
हिंदू धर्म अपनाने वाले शहजाद ने अब अपना नया नाम ‘शंकर’ रख लिया है। वहीं, उनकी पत्नी का नाम बदलकर ‘सावित्री’ हो गया है। पति-पत्नी के साथ उनके तीन बच्चों ने भी वैदिक रीति-रिवाज से सनातन धर्म की दीक्षा ली। शंकर (पूर्व नाम शहजाद) ने बताया कि भगवान शिव और हिंदू धर्म में उनकी गहरी आस्था है, जिसके चलते उन्होंने सपरिवार यह निर्णय लिया।
इस धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को विधि-विधान से पूर्ण कराने के लिए कई प्रमुख संत उपस्थित रहे। अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के महामंत्री रामविशाल दास महाराज, श्री कृष्ण सनातन सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कृष्ण, और अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी व प्रबोधानंद गिरी महाराज ने परिवार का गंगा स्नान और शुद्धिकरण कराया। इसके बाद घाट पर ही विशेष हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया।

दिगंबर अखाड़े के सचिव बाबा हठयोगी ने इस अवसर पर कहा कि परिवार ने स्वेच्छा से वैदिक मार्ग को चुना है। उन्होंने बताया कि पूरे परिवार को तिलक लगाकर और जनेऊ धारण कराकर हिंदू धर्म की मुख्यधारा में जोड़ा गया है। संतों ने इस कदम का स्वागत करते हुए परिवार को आशीर्वाद प्रदान किया।शहजाद से शंकर बने व्यक्ति का कहना है कि वे लंबे समय से हिंदू परंपराओं से प्रभावित थे। घाट पर मौजूद संतों ने कहा कि सनातन धर्म में सभी का स्वागत है जो स्वेच्छा और श्रद्धा के साथ इसमें शामिल होना चाहते हैं। इस आयोजन के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम देखे गए और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

