“ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी कार्रवाई, गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार बदल रहा था ठिकाना
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत कोतवाली बहादराबाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नाबालिग से दुराचार के गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था, लेकिन बहादराबाद पुलिस की सक्रियता के आगे उसकी एक न चली।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर वांछित एवं इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बहादराबाद अमरजीत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गठित टीम ने लगातार मुखबिर तंत्र और संदिग्ध स्थानों पर नजर बनाए रखी।
पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पतंजलि अंडरपास शान्तरशाह क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजीम पुत्र मुस्तकीम उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम शान्तरशाह, कोतवाली बहादराबाद, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ कोतवाली बहादराबाद में मु0अ0स0 61/26 धारा 65(1), 115(2), 137(2), 351(2) बीएनएस तथा 3(क)/4(2) पोक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और क्षेत्र से बाहर भी छिपने की कोशिश कर रहा था। पुलिस टीम कई दिनों से उसकी तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार सटीक सूचना और रणनीति के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के तहत न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है और लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
उपनिरीक्षक उमेश कुमार, उपनिरीक्षक ज्योति नेगी, कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल नितुल यादव, होमगार्ड प्रदीप कुमार

