हरिद्वार। नगर निगम क्षेत्र से मांस की दुकानें हटाने के लिए हिंदूवादी नेता चरणजीत पाहवा ने 20 साल संघर्ष किया है।इस मुद्दे पर आठ अप्रैल 2018 को आत्मदाह का प्रयास करने पर चरणजीत पाहवा 70 फीसद तक झुलस गए थे।नगर निगम बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने पर आखिरकार पाहवा का संघर्ष रंग लाया है। आंदोलन की सफलता पर चरणजीत पाहवा 12 अप्रैल को जटवाड़ा पुल से हरकी पैड़ी तक नंगे पांव यात्रा करेंगे। हिंदू क्रांति दल के नेता चरणजीत पाहवा ने बताया कि पिछले दो दशकों से वह अवैध रूप से चल रही मांस की दुकानों के खिलाफ लगातार आंदोलन करते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और कई जनआंदोलन किए। आंदोलन के दौरान उन्होंने आत्मदाह का प्रयास भी किया था। आज भी उनके शरीर पर उसके निशान मौजूद हैं और एक हाथ क्षतिग्रस्त हो गया है, लेकिन उन्होंने संघर्ष नहीं छोड़ा।उन्होंने कहा कि लंबे समय तक लोगों ने उनके आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें पागल तक कहा गया, लेकिन उन्होंने विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर लगातार आवाज उठाई और सरकार के खिलाफ भी संघर्ष किया।बताया आठ अप्रैल को उनके आत्मदाह प्रयास को आठ वर्ष पूरे हो जाएंगे और इसी अप्रैल महीने में प्रस्ताव पास होना उनके लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण है। इसके लिए उन्होंने नगर निगम महापौर, पार्षदों और भाजपा पार्षदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व घोषणा के तहत 12 अप्रैल को पुल जटवाड़ा से हरकी पैड़ी तक नंगे पांव पैदल यात्रा कर मां गंगा का आशीर्वाद लेंगे और धन्यवाद अर्पित करेंगे।
चरणजीत पाहवा का 20 साल का संघर्ष हुआ सफल, हरिद्वार निगम क्षेत्र से अब हटेगी मीट मांस की दुकान

